
मसूरी। नगर पालिका परिषद मसूरी द्वारा दो माह पूर्व घर-घर से कूड़ा उठान का कार्य जिस संस्था लार्ड शिवा संस्था को सौंपा गया था, उसके विरुद्ध पर्यावरण मित्रों ने वेतन भुगतान और सुपरवाइजरों को हटाए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, वे संस्था के अधीन कार्य नहीं करेंगे।
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का आरोप है कि सफाई कर्मियों को ₹15 हजार मासिक वेतन देने पर पूर्व में पालिकाध्यक्ष के नेतृत्व में समझौता हुआ था, लेकिन बीते दो महीनों से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। इसके अतिरिक्त 33 में से 25 सुपरवाइजरों को हटाए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि वर्षों से सेवा दे रहे कर्मचारियों के सामने आज परिवार के भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है।
कर्मचारियों की मांग है कि हटाए जा रहे सभी सुपरवाइजरों को पुनः कार्य पर लिया जाए तथा लंबित वेतन का शीघ्र भुगतान किया जाए। विरोध की स्थिति को देखते हुए पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी ने पालिका सभागार में पर्यावरण मित्रों के साथ बैठक कर उनकी समस्याएं सुनीं।
बैठक में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन, वाहन चालक एवं हेल्पर्स से संबंधित शिकायतों पर मौके पर ही त्वरित निराकरण किया गया। सुपरवाइजरों को हटाने के मुद्दे पर पालिकाध्यक्ष ने कार्यदायी संस्था के साथ एक दिन बाद विशेष बैठक बुलाकर समाधान निकालने का आश्वासन दिया।

पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा कि नगर की स्वच्छता व्यवस्था में पर्यावरण मित्रों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और उनके हितों की रक्षा पालिका की प्राथमिकता है। उन्होंने कर्मचारियों से अपील की कि वे नगर की स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावित न होने दें और पूरी निष्ठा से अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
इस अवसर पर सभासद अमित भट्ट, जसबीर कौर, शिवानी भारती, सचिन गुहेर, गीता कुमाई, गौरी थपलियाल, विशाल खरोला, पवन थलवाल, बबीता मल्ल, रूचिता गुप्ता सहित पर्यावरण मित्र उपस्थित रहे।



