मसूरी

देहरादून के जोहड़ी में नियमों की अनदेखी भारी पड़ी, वन विभाग ने रुकवाया निर्माण कार्य।

मसूरी/देहरादून |
मसूरी वन प्रभाग के अंतर्गत देहरादून जिले के जोहड़ी क्षेत्र में निजी भूमि पर बिना अनुमति चल रहे निर्माण कार्य पर वन विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए तत्काल प्रभाव से कार्य रुकवा दिया है। विभाग की इस कार्रवाई को पर्यावरण संरक्षण और वन सीमाओं की सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
वन विभाग द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, संबंधित भूमि स्वामी ने अपनी भूमि पर झाड़ियों के कटान और चारदीवारी/तारबाड़ निर्माण की अनुमति के लिए आवेदन किया था। प्रक्रिया के तहत राजस्व विभाग के साथ संयुक्त निरीक्षण भी किया गया, लेकिन मौके पर जो स्थिति सामने आई, उसने विभाग को सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।
निरीक्षण में सामने आईं गंभीर अनियमितताएं
संयुक्त टीम के निरीक्षण में पाया गया कि स्वीकृत अनुमति की सीमाओं का उल्लंघन किया जा रहा था। जहां अनुमति केवल सीमांकन और झाड़ी कटान तक सीमित थी, वहीं स्थल पर इससे आगे बढ़कर निर्माण गतिविधियां संचालित हो रही थीं।
सबसे गंभीर पहलू यह रहा कि निर्माण कार्य वन भूमि की सीमा के बेहद करीब पाया गया, जिससे अतिक्रमण की आशंका मजबूत हुई। इसके अलावा बिना किसी पूर्व अनुमति के भारी मशीनों का उपयोग भी किया जा रहा था, जो नियमों के विरुद्ध है।
निरीक्षण में यह भी स्पष्ट हुआ कि पर्यावरण संरक्षण से जुड़े दिशा-निर्देशों की अनदेखी की जा रही थी, जिससे आसपास के वन क्षेत्र और जैव विविधता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता था।
वन विभाग का सख्त रुख
मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने तत्काल निर्माण कार्य रुकवाने के निर्देश दिए और संबंधित भूमि स्वामी को नोटिस जारी कर दिया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, प्रकरण में नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा रही है और यदि नियमों का उल्लंघन प्रमाणित होता है, तो आगे सख्त दंडात्मक कदम भी उठाए जा सकते हैं।
पर्यावरण संरक्षण बना प्राथमिकता
विशेषज्ञों का मानना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में अनियंत्रित निर्माण कार्य न केवल वन संपदा को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि भूस्खलन और पर्यावरणीय असंतुलन जैसी समस्याओं को भी जन्म देता है। ऐसे में वन विभाग की यह कार्रवाई भविष्य में अवैध निर्माण पर रोक लगाने के लिए एक मजबूत संदेश के रूप में देखी जा रही है।
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