ऑपरेशन थंडर ब्लास्ट’ से हड़कंप: LIU में फर्जी दस्तावेजों पर तैनात अधिकारियों का बड़ा खुलासा, बेरोजगार संघ का सरकार पर प्रहार।
उत्तराखंड की आंतरिक सुरक्षा पर सवाल, निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग तेज

देहरादून | 11 अप्रैल 2026
उत्तराखंड की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। उत्तराखंड बेरोजगार संघ ने देहरादून स्थित उत्तरांचल प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान ‘ऑपरेशन थंडर ब्लास्ट’ के तहत खुफिया विभाग (Local Intelligence Unit – LIU) में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर तैनात अधिकारियों का पर्दाफाश करने का दावा किया है।
संघ का कहना है कि यह मामला केवल नौकरी में धांधली तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर राज्य की आंतरिक सुरक्षा से जुड़ा हुआ गंभीर विषय है।
आंतरिक सुरक्षा पर बड़ा सवाल
प्रेस वार्ता में संघ ने कहा कि LIU जैसे संवेदनशील विभाग की जिम्मेदारी गोपनीय सूचनाएं एकत्र कर राज्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना होती है। ऐसे में यदि इस विभाग में ही संदिग्ध पहचान और फर्जी दस्तावेजों के सहारे लोग अधिकारी बनकर बैठे हैं, तो यह स्थिति बेहद चिंताजनक है।
संघ ने इसे राज्य की सुरक्षा और अखंडता के साथ सीधा खिलवाड़ बताया है।
दस्तावेजों में हेराफेरी का आरोप
संघ के अनुसार, संबंधित अधिकारियों ने अपनी शैक्षिक योग्यता और स्थायी निवास प्रमाण पत्रों में कथित रूप से हेराफेरी कर नियुक्ति प्राप्त की।
संघ ने दावा किया कि उनके पास इस संबंध में ठोस साक्ष्य मौजूद हैं, जो नियुक्ति प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। यह मामला उन हजारों युवाओं के साथ भी अन्याय है, जो ईमानदारी से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं।
सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग
उत्तराखंड बेरोजगार संघ ने राज्य सरकार से मांग की है कि:
चिन्हित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से पद से हटाया जाए
उनके खिलाफ कठोर कानूनी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए
अब तक लिया गया वेतन सरकारी कोष में वापस लिया जाए
निष्पक्ष जांच का अल्टीमेटम
संघ ने साफ किया कि इस मामले में किसी भी प्रकार का राजनीतिक या विभागीय दबाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
संघ ने पूरे प्रकरण की तटस्थ, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
बेरोजगार संघ अध्यक्ष राम कंडवाल का तीखा बयान।
“खुफिया विभाग जैसे गोपनीय तंत्र में फर्जीवाड़े की नींव पर बैठे लोग राज्य के लिए टाइम बम के समान हैं। यह केवल नियुक्ति का मामला नहीं, बल्कि आंतरिक सुरक्षा में एक गंभीर सेंध है। सरकार को इस पर तत्काल कठोर प्रहार करना चाहिए, अन्यथा हम सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।”
‘ऑपरेशन थंडर ब्लास्ट’ के इस खुलासे ने उत्तराखंड की प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा तंत्र पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी निगाहें सरकार और जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उत्तराखंड बेरोजगार संघ अध्यक्ष राम कंडवाल, संगठन सचिव जे पी ध्यानी, प्रदेश प्रवक्ता नितिन दत्त, महासचिव सजेंद्र कटैत आदि मौजूद रहे।



