कौन होगा बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष, कौन बनेगा अगला मुख्यमंत्री:

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में संगठनात्मक बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। बिहार विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और पार्टी के भीतर अब यह चर्चा जोरों पर है कि चुनाव के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर नया चेहरा देखने को मिल सकता है। मौजूदा अध्यक्ष और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा का कार्यकाल पूरा होने के करीब है। ऐसे में भाजपा की कमान किसके हाथों में जाएगी, यह बड़ा सवाल बन गया है।
बड़ा सवाल नड्डा के बाद कौन?
भाजपा ने अब तक इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में कई नामों की चर्चा है। लंबे समय से कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और कुछ अन्य वरिष्ठ नेताओं के नाम संभावित अध्यक्ष पद की दौड़ में बताए जा रहे हैं। वहीं अब नए नामों ने इस रेस को और रोचक बना दिया है।

महाराष्ट्र के सीएम फडणवीस पर नजर
सियासी गलियारों में जारी चर्चा के अनुसार भाजपा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने पर विचार कर सकती है। सूत्रों का कहना है कि फडणवीस को संकेत दे दिए गए हैं कि बिहार चुनाव के बाद उन्हें मुख्यमंत्री पद छोड़ने के लिए कहा जा सकता है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि “संदेश पहुंचा दिया गया है, लेकिन उनकी भविष्य की भूमिका पर अभी औपचारिक चर्चा बाकी है।”
क्यों फडणवीस?
देवेंद्र फडणवीस युवा नेतृत्व का चेहरा माने जाते हैं। वे संघ (आरएसएस) से जुड़े हुए हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय नेतृत्व का उन पर भरोसा है। महाराष्ट्र की राजनीति में उन्होंने संगठन और सत्ता दोनों स्तर पर पार्टी को मजबूत किया है। माना जा रहा है कि उनकी प्रशासनिक दक्षता और संगठनात्मक कौशल उन्हें भाजपा अध्यक्ष पद की दौड़ में मजबूत दावेदार बनाते हैं।
रेस में रूपाला , धर्मेंद्र प्रधान और अन्य नाम
फडणवीस के अलावा केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला का नाम भी चर्चा में है। वे मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय संभाल रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि रूपाला को भी संघ का समर्थन हासिल है और वे प्रधानमंत्री मोदी के करीबी नेताओं में गिने जाते हैं। ऐसे में संगठन की कमान उनके हाथों में सौंपे जाने की संभावना भी जताई जा रही है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का नाम भी लगातार उभर रहा है। वे लंबे समय से भाजपा संगठन में सक्रिय रहे हैं और प्रधानमंत्री मोदी के भरोसेमंद नेताओं में गिने जाते हैं। इसके अलावा, कुछ सूत्रों के अनुसार संभावित उम्मीदवारों की एक सूची भी तैयार की गई है, जिसपर उपराष्ट्रपति चुनाव के बाद गंभीरता से विचार होगा।
कब होगा फैसला?
भारत निर्वाचन आयोग ने अभी तक भाजपा अध्यक्ष पद के चुनाव की तारीख घोषित नहीं की है। लेकिन माना जा रहा है कि 9 सितंबर को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव और बिहार विधानसभा चुनाव के बाद पार्टी इस पर अंतिम निर्णय ले सकती है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार चुनाव के नतीजे संगठनात्मक बदलाव की गति और स्वरूप को तय करेंगे।
राजनीतिक मायने
यदि देवेंद्र फडणवीस को अध्यक्ष बनाया जाता है, तो यह भाजपा के लिए दोहरे मायने रखेगा। पहला, पार्टी युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाकर आगामी लोकसभा चुनावों के लिए नई ऊर्जा का संचार कर सकती है। दूसरा, महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी किसी नए चेहरे को देकर राज्य की राजनीति में संतुलन बनाने की कोशिश हो सकती है।
दूसरी ओर, यदि पुरुषोत्तम रूपाला या धर्मेंद्र प्रधान को अध्यक्ष बनाया जाता है, तो यह संदेश जाएगा कि भाजपा नेतृत्व संगठनात्मक अनुभव और संघ की स्वीकृति को प्राथमिकता दे रहा है। अब तक भाजपा ने इस पूरे मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। पार्टी प्रवक्ता का कहना है कि संगठनात्मक चुनाव तय समय पर होंगे और नाम का फैसला संसदीय बोर्ड व केंद्रीय नेतृत्व मिलकर करेगा। फिलहाल इतना तय है कि भाजपा में अध्यक्ष पद को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है और बिहार चुनाव के बाद तस्वीर और साफ होगी। देवेंद्र फडणवीस, पुरुषोत्तम रूपाला और धर्मेंद्र प्रधान तीनों ही दावेदारों के नाम चर्चा में हैं। कौन बनेगा भाजपा का अगला अध्यक्ष—इस सवाल का जवाब जल्द मिल जायेगा
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