देहरादूनमसूरी

सरस्वती विद्यामंदिर प्राथमिक वर्ग वार्षिकोत्सव में नन्हे मुन्नों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

मसूरी। महात्मा योगेश्वर सरस्वती शिशु विद्यामंदिर इंटर कालेज में पूर्व प्राथमिक वर्ग का वार्षिकोत्सव पूरे उत्साह व उल्लास के साथ संपन्न हो गया। इस मौके पर नन्हें मुन्ने छात्र छात्राओं ने कविता पाठ, नृत्य, नृत्य नाटिकाओं के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के साथ ही समाज को संदेश देने का कार्य किया।

कार्यक्रम का शुभारभ बतौर मुख्य अतिथि शिक्षाविद मधु मेहरोत्रा, विशिष्ट अतिथि, प्रधानाचार्य डा. मनोज रयाल, विद्यालय समिति के अध्यक्ष शैलेंद्र कर्णवाल, व प्रबंधक मदनमोहन शर्मा ने दीप प्रज्वलित कर किया। सरस्वती वंदना के बाद प्रधानाचार्य डा. मनोज रयाल ने सभी अतिथियो का स्वागत करते हुए कहा कि केवल पुस्तकीय ज्ञान ही नहीं अपितु बच्चों के अंदर निहित क्षमताओं को मंच प्रदान करने व सर्वागींण विकास करते हुए उनके जीवन में आदर्शन नैतिक गुणों से युक्त आचरण को प्रदर्शित करने के लिए विद्यालय प्रतिबंद्ध है। वार्षिकोत्सव में स्वागत गान, घनन घनन वर्षा नृत्य, डाल डाल पर सोने की चिड़िया नृत्य, वर्यावरण संरक्षण को लेकर पेडों का न काटने पर नृत्य, तारे जमीं पर, टन टन टन, सहित अनेक नृत्य व नृत्य नाटिकाओं की बहुत सुंदर प्रस्तुति दी। वहीं संदेशप्रद नाटक मोबाइल, का प्रयोग न करने, पर्यावरण संरक्षण, आदि का प्रदर्शन किया, जिसने दर्शकों को सोचने पर मजबूर किया। वहीं रामायण नाटिका की बहुत ही सुंदर प्रस्तुति देकर बच्चों ने अपनी कला का लोहा मनवाया। इस मौके पर विद्यालय समिति के अध्यक्ष शैलेंद्र कर्णवाल ने बच्चे आने वाले कल के भविष्य हैं, इसलिए अपने मन में आये विचारों को अवसर मिलने पर व्यक्त करना बडी बात है। उन्होंने कहा कि बच्चों ने जो प्रस्तुति दी उसके लिए अभिभावक व शिक्षक बधाई के पात्र है। इस मौके पर मुख्य अतिथि मधु मेहरोत्रा ने बच्चों के कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने बहुत सुंदर प्रस्तुति देकर सभी का दिल जीत लिया, उन्होंने कहा कि आज के बच्चों में अदभुत प्रतिभा है, उस प्रतिभा को पहचान कर उसको दिशा प्रदान करने का माध्यम ऐसे मंच होते हैं। सभी को बच्चों की प्रतिभा को सामने लाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वार्षिकोत्सव बच्चों का दिन है, और आज मानवाधिकार दिवस भी है, इसका विशेष महत्व है। इसलिए मानव होने के नाते मानव की सेवा करना अपना धर्म बनायें। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि प्रीति मेहरोत्रा ने कहा कि वार्षिकोत्सव का दिन बच्चों को प्रोत्साहित करने का है व अभिभावकों व शिक्षकों को भी प्रोत्साहित करते है, यह भारत का भविष्य है ये बच्चें ही हमें सिखाते है, शिक्षा बच्चों का मौलिक अधिकार है व माता पिता उन्हें शिक्षा देने के लिए हर संभव प्रयास करते है और शिक्षक बच्चों को तराशते हुए अच्छी शिक्षा देने का कार्य करते हैं। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रबंध मदनमोहन शर्मा ने कहा कि सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों ने बहुत सुदर प्रस्तुति दी जिसमें कुछ प्रस्तुतियां यादगार बनीं। यह अभिभावकों के साथ ही शिक्षकों की कड़ी मेहनत का परिणाम है। कार्यक्रम का संचालन छात्रा काव्या व सिमरन ने किया। इस मौके पर आलोक मेहरोत्रा, रश्मि कर्णवाल, माधुरी शर्मा, वंदना नेगी, संध्या भटट, बबीता रावत, प्रसनन्ता पंवार, मंजू सेमवाल, पूनम गोदियाल सहित अभिभावक मौजूद रहे।

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