
मसूरी।
ग्राम सभा दूधली, वार्ड सभा 13 और भद्राज वन प्रबंधन समिति के पदाधिकारियों, वन अधिकार समिति के सदस्यों व दावेदारों की संयुक्त बैठक दूधली चौक पर आयोजित की गई। बैठक में सामुदायिक वन संसाधनों के संरक्षण और प्रबंधन को लेकर कई अहम निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए।

बैठक में वन अधिकार अधिनियम 2006, 2008 व संशोधन नियम 2012 के तहत दूधली क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर सूचना बोर्ड लगाए गए। साथ ही ग्राम सभा क्षेत्र में प्रवेश करने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं के वाहनों का रिकॉर्ड रखने के उद्देश्य से दूधली चौक पर बीरबल सिंह चौहान के घर के समीप ईको शुल्क टोल बैरियर स्थापित किया गया।
निर्णय लिया गया कि इस बैरियर पर दुपहिया व चार पहिया वाहनों से ईको शुल्क वसूला जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी वन प्रबंधन समिति दूधली की होगी। एकत्रित धनराशि का उपयोग वन संरक्षण, वनीकरण, जल स्रोतों की सुरक्षा, संपर्क मार्गों के रखरखाव तथा बैरियर पर कार्यरत श्रमिकों के मानदेय में किया जाएगा।
बैठक में यह भी प्रस्ताव पारित किया गया कि ग्राम सभा की पारंपरिक सीमा के भीतर बाहरी व्यक्तियों द्वारा किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा नहीं होने दिया जाएगा। ऐसे मामलों में वनाधिकार कानून 2006 व एससी/एसटी एक्ट के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा कुछ व्यक्तियों पर ग्राम सभा के कार्यों में बाधा डालने, लोगों को गुमराह करने और महिलाओं को धमकाने के आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ मसूरी कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराने का निर्णय लिया गया।
भद्राज मंदिर समिति को भी नोटिस जारी कर यह स्पष्ट करने का निर्णय लिया गया कि मंदिर परिसर में किसी प्रकार की पार्किंग या अन्य शुल्क वसूली नहीं की जाएगी।
बैठक में क्षेत्र के विभिन्न गांवों—सरतली, कांडा, रणोगी, कांडीखाल, कसोन आदि से बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और ग्राम स्तर पर वन संरक्षण व संसाधन प्रबंधन को मजबूत करने पर सहमति जताई।



