
मसूरी। मसूरी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बुधवार देर रात आए तेज तूफान ने भारी तबाही मचा दी। आधी रात को अचानक आए तेज अंधड़ और बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। तूफान की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई मकानों की छतें उड़ गईं, पेड़ और विद्युत पोल धराशायी हो गए, वहीं कई वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए। मसूरी शहर और उससे सटी चामासारी ग्राम पंचायत में तूफान का व्यापक असर देखने को मिला।

मसूरी शहर में भी कई स्थानों पर तूफान का असर साफ दिखाई दिया। तेज हवाओं के चलते कई पेड़ उखड़ गए और कई मकानों की छतों को नुकसान पहुंचा। जगह-जगह पेड़ गिरने से यातायात भी प्रभावित रहा। तूफान के कारण बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई और शहर के कई इलाकों में घंटों तक बिजली गुल रही, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
वहीं मसूरी से सटी चामासारी ग्राम पंचायत में तूफान से बड़ा नुकसान हुआ है। ग्राम प्रधान विक्रम रावत ने जानकारी देते हुए बताया कि राजेंद्र रावत पुत्र खिलपत सिंह, गुलाब सिंह पुत्र चंदन सिंह, राजेंद्र मेलवान पुत्र हुकुम सिंह और सोबन सिंह पुत्र मान सिंह के मकानों की छतें तेज आंधी में उड़ गईं। वहीं दिनेश मेलवान पुत्र वीरेंद्र सिंह के मकान की छत पूरी तरह उड़ जाने से घर गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। कई घरों की टिन शेड और छतें उड़कर जंगलों तक जा पहुंचीं।
क्षेत्र में कई बड़े पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति भी बाधित रही। वहीं खड़ी स्कूटियां और अन्य वाहन भी तूफान की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गए। ग्रामीणों में भय और चिंता का माहौल बना हुआ है।
ग्राम प्रधान विक्रम रावत ने प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि जिन परिवारों का नुकसान हुआ है, उन्हें तत्काल राहत और मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों की छतें उड़ गई हैं, उनके सामने रहने की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। यदि आने वाले दिनों में बारिश होती है तो प्रभावित परिवारों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।



