
देहरादून, 03 अगस्त। उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के निर्देशानुसार जनपद देहरादून में आगामी 12 सितंबर 2026 (शनिवार) को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून की सचिव सीमा डुंगराकोटी ने जनपद के नागरिकों एवं वादकारियों से इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि लोक अदालत त्वरित, सुलभ और सौहार्दपूर्ण न्याय व्यवस्था का प्रभावी माध्यम है।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में आपसी सहमति से निस्तारित किए जाने वाले फौजदारी के समझौतायोग्य वाद, धारा 138 एनआई एक्ट के प्रकरण, मोटर दुर्घटना प्रतिकर दावे, बैंक ऋण एवं वसूली संबंधी मामले, वैवाहिक विवाद, श्रम एवं दीवानी वाद, विद्युत एवं जल से जुड़े प्रकरण सहित अन्य समझौतायोग्य मामलों का शीघ्र निस्तारण किया जाएगा।
इच्छुक पक्षकार 11 सितंबर 2026 तक संबंधित न्यायालय में स्वयं अथवा अपने अधिवक्ता के माध्यम से प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं, ताकि उनके मामलों को राष्ट्रीय लोक अदालत में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जा सके।
सचिव सीमा डुंगराकोटी ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से मामलों का समाधान सरल, त्वरित और कम खर्चीला होता है। इससे पक्षकारों के समय और धन की बचत होती है तथा पात्र मामलों में न्यायालय शुल्क की वापसी का लाभ भी प्राप्त हो सकता है। उन्होंने बताया कि लोक अदालत द्वारा पारित निर्णय दोनों पक्षों के लिए अंतिम एवं बाध्यकारी होता है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत केवल मुकदमों के निस्तारण का मंच नहीं, बल्कि आपसी संवाद, समझौते और सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देने का सशक्त माध्यम भी है। उन्होंने जनपदवासियों से आह्वान किया कि जिन मामलों का समाधान आपसी सहमति से संभव है, उन्हें राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रस्तुत कर इस वैकल्पिक न्याय व्यवस्था का अधिकतम लाभ उठाएं।



