देहरादूनमसूरी

मसूरी की पानी समस्या पर भड़के मंत्री गणेश जोशी, 48 घंटे में आपूर्ति बहाल करने के निर्देश; विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में विभागों की लगाई क्लास।

मसूरी। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मंगलवार को नगर पालिका टाउन हॉल में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मसूरी के विकास कार्यों और जनसमस्याओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में सबसे बड़ा मुद्दा पेयजल संकट रहा, जिस पर स्थानीय जनता, जनप्रतिनिधियों और जल संस्थान के अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। बढ़ते जनाक्रोश को देखते हुए मंत्री ने जल संस्थान और जल निगम को 48 घंटे के भीतर मसूरी सहित छावनी क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति सुचारू करने के कड़े निर्देश दिए।
बैठक में स्थानीय लोगों ने 144 करोड़ रुपये की यमुना पेयजल योजना पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस योजना से आगामी 30 वर्षों तक पानी की समस्या खत्म होने का दावा किया गया था, उसका लाभ आज भी आम जनता को नहीं मिल पा रहा है। हालात यह हैं कि लोगों को निजी खर्च पर टैंकरों से पानी मंगवाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
मंत्री गणेश जोशी ने जल निगम को जल संस्थान को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने तथा वितरण व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेयजल समस्या का समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
समीक्षा बैठक में लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठे। मंत्री ने मोतीलाल नेहरू मार्ग की मरम्मत एक सप्ताह में पूरी करने, किंक्रेग से पिक्चर पैलेस तक सड़क की स्थिति सुधारने, पुराने टिहरी रोड की मरम्मत, पुश्तों के निर्माण तथा माल रोड के कल्वर्ट खोलने के निर्देश दिए।
पेयजल निगम को शहर की सीवर व्यवस्था दुरुस्त करने, छूटे क्षेत्रों में सीवर लाइन बिछाने और एसटीपी निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए। वहीं विद्युत विभाग को खतरनाक बिजली के खंभों को हटाने और प्रत्येक वार्ड का विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया। मंत्री ने स्पष्ट किया कि आवश्यक होने पर इसके लिए धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी।
बैठक में मसूरी में संचालित रेंटल स्कूटी व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। संभागीय परिवहन विभाग को रेंटल स्कूटियों के संचालन को नियमित करने, सड़क किनारे खड़ी स्कूटियों पर कार्रवाई करने और नए लाइसेंस जारी करने पर नियंत्रण के प्रयास करने को कहा गया।
माल रोड से साइकिल रिक्शा हटाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। मंत्री ने गोल्फ कार्ट के विकल्प के रूप में ई-रिक्शा अथवा ऑटो का ट्रायल कराने, रिक्शा संचालकों से संवाद स्थापित करने और रोजगार प्रभावित होने की स्थिति में मुआवजा देने की संभावना पर विचार करने के निर्देश दिए। एक ई-रिक्शा में दो श्रमिकों को समायोजित करने पर भी सहमति बनी।
वन विभाग से भिलाड़ू खेल मैदान की प्रगति रिपोर्ट ली गई। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि फाइल खेल विभाग को भेजी जा चुकी है और आपत्तियों का निस्तारण कर दिया गया है। साथ ही शहर में जन-धन के लिए खतरा बने पेड़ों की कटान एवं लॉपिंग के संबंध में वन विभाग और पालिका को संयुक्त समाधान निकालने के निर्देश दिए गए।
एमडीडीए को ईको पार्क निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने तथा मैसोनिक लॉज से बड़े मोड़ तक रेलिंग निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए गए। पुलिस विभाग को पालिका वालंटियर्स के साथ समन्वय बनाकर यातायात व्यवस्था सुधारने और जाम की समस्या कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा गया।
बैठक के बाद मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि मसूरी की समस्याओं के समाधान के लिए विभागों को स्पष्ट समयसीमा दी गई है। उन्होंने कहा कि पेयजल योजना का पुनः सर्वे कराया जाएगा ताकि उसका वास्तविक लाभ जनता तक पहुंच सके। साथ ही 38 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित ईको पार्क, पार्किंग व्यवस्था, बिजली के खंभों के स्थानांतरण और किमाड़ी रोड जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मसूरी एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन नगरी है और इसके समग्र विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। आगामी समय में विकास कार्यों का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखा जाएगा।
बैठक में पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी, भाजपा मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल, पूर्व मंडल अध्यक्ष मोहन पेटवाल, एसडीएम राहुल आनंद, नगर पालिका अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन, सीओ अंकित कंडारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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