
मसूरी। उत्तराखंड की लोक संस्कृति और प्रकृति संरक्षण की समृद्ध परंपरा के प्रतीक हरेला महापर्व के अवसर पर मसूरी वन प्रभाग द्वारा मालदेवता क्षेत्र में भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश के वन एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने “हर गांव का यही पैगाम – एक पेड़ मां के नाम” थीम के साथ रुद्राक्ष का पौधा लगाकर किया। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, लोकसभा सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ सहित वन विभाग और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में स्कूली छात्र-छात्राओं ने स्वागत गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। अतिथियों ने प्रदेशवासियों से हरेला पर्व पर कम से कम एक पौधा लगाने और उसके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। वक्ताओं ने कहा कि पौधरोपण तभी सार्थक है जब लगाए गए पौधों का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जाए।
वन मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि 16 जुलाई 2026 से एक माह तक चलने वाले हरेला अभियान के तहत पहले ही दिन पूरे उत्तराखंड में 10 लाख पौधों के रोपण का लक्ष्य रखा गया है। इनमें गढ़वाल में 5.50 लाख और कुमाऊं में 4.50 लाख पौधे लगाए जाएंगे। वहीं केवल देहरादून जनपद में वन विभाग द्वारा 75 हजार पौधों के रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जबकि विभिन्न विभागों के सहयोग से जिले में कुल 15.50 लाख पौधे लगाए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत इस वर्ष उत्तराखंड में कुल दो करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इन पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी स्थानीय ग्रामीणों, वन पंचायतों, महिला मंगल दलों और युवक मंगल दलों को सौंपी जाएगी, ताकि अभियान केवल पौधरोपण तक सीमित न रहकर पर्यावरण संरक्षण का जनआंदोलन बन सके।
कार्यक्रम के अंत में मसूरी वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी अमित कंवर ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और स्थानीय लोगों का आभार व्यक्त करते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए जनसहभागिता को सबसे बड़ी ताकत बताया।



