
मसूरी में अवैध प्लाटिंग पर वन विभाग का बुलडोजर, 10 बीघा क्षेत्र में किए गए निर्माण ध्वस्त
मसूरी। मसूरी वन प्रभाग ने अधिसूचित निजी वन भूमि में किए जा रहे अवैध निर्माणों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जेसीबी मशीनों से ध्वस्तीकरण अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान मसूरी रेंज के अंतर्गत हाफ वे किंग लॉज क्षेत्र में लगभग 10 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लाटिंग, पुश्ता निर्माण एवं मार्ग निर्माण को ध्वस्त किया गया।
वन विभाग के अनुसार यह क्षेत्र अधिसूचित निजी वन भूमि की श्रेणी में आता है, जहां बिना सक्षम अनुमति के गैर-वानिकी गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। प्रभागीय वनाधिकारी के निर्देश पर वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध निर्माणों को हटाने की कार्रवाई की।
इसके अतिरिक्त पार्क एस्टेट स्थित अधिसूचित निजी वन भूमि के अंतर्गत विशिंग वैली क्षेत्र में भी सड़क के दोनों ओर बनाए गए लगभग 100 मीटर लंबे अवैध पुश्तों को ध्वस्त किया गया। विभाग का कहना है कि संबंधित निर्माण कार्य बिना वैधानिक अनुमति के किए गए थे, जो वन भूमि संरक्षण से जुड़े नियमों का सीधा उल्लंघन हैं।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अधिसूचित निजी वन भूमि में बिना अनुमति पुश्ता निर्माण, सीसी कार्य एवं अन्य गैर-वानिकी गतिविधियां उत्तर प्रदेश प्राइवेट फॉरेस्ट एक्ट 1948 की धारा 7 एवं 15, वन (संरक्षण) अधिनियम 1980 की धारा 2 तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय के ऐतिहासिक गोदावर्मन तिरुमुलपद बनाम भारत संघ मामले में दिए गए निर्देशों का उल्लंघन करती हैं।
प्रभागीय वनाधिकारी, मसूरी वन प्रभाग के निर्देशों के अनुपालन में वन विभाग ने अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को अंजाम दिया। विभाग ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी अधिसूचित वन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की अवैध प्लाटिंग, निर्माण या गैर-वानिकी गतिविधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
ध्वस्तीकरण अभियान में रेंज अधिकारी महेंद्र सिंह चौहान, अनुभाग अधिकारी अभिषेक सजवाण, सबला राम, आनंद रांगड़, इप्सा भट्ट, वन बीट अधिकारी राहुल, हरेंद्र सिंह, दलवीर सिंह सजवाण, खुशीराम बहुगुणा, अनिल कुमार, आकांक्षा चौहान, आस्था सहित वन विभाग के अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।



