“मेरी गणना, मेरा गाँव” अभियान को गुरुग्राम से मिली नई ऊर्जा, उत्तराखंड के प्रवासियों से मूल गाँव से जुड़ने का आह्वान।
जनप्रतिनिधियों से संसद और केंद्र सरकार के स्तर पर अभियान को प्रभावी ढंग से उठाने का किया गया आग्रह।

गुरुग्राम/हरियाणा।
उत्तराखंड के गाँवों की वास्तविक जनगणना सुनिश्चित करने और देशभर में बसे प्रवासी उत्तराखंडवासियों को अपने मूल गाँव से जोड़ने के उद्देश्य से चलाए जा रहे “मेरी गणना, मेरा गाँव” अभियान के तहत गुरुग्राम (हरियाणा) में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम में अभियान से जुड़े पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न क्षेत्रों के प्रबुद्ध नागरिकों ने भाग लेकर अभियान को जन-जन तक पहुंचाने की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की।
बैठक में अभियान के संयोजक जोत सिंह बिष्ट के नेतृत्व में मथुरा दत्त जोशी (प्रदेश प्रवक्ता, भाजपा), बिट्टू कर्नाटक, राजेश, देव रतूड़ी, शीशपाल रावत, देवी प्रसाद रतूड़ी, पुष्कर नेगी, किशन सिंह बिष्ट सहित अनेक सामाजिक एवं जागरूक नागरिक उपस्थित रहे।

इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र के दोनों सांसदों से मुलाकात कर आग्रह किया कि वे संसद और केंद्र सरकार के समक्ष “मेरी गणना, मेरा गाँव” अभियान को प्रभावी ढंग से रखें, ताकि देश के विभिन्न राज्यों में रह रहे उत्तराखंड के प्रवासी नागरिक अपने मूल गाँव से जुड़कर अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड के गाँवों की सही जनगणना सुनिश्चित करना, पलायन के कारण बाहर रह रहे लोगों को अपने पैतृक गाँव से पुनः जोड़ना तथा राज्य के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास में उनकी भागीदारी को मजबूत बनाना है।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि यदि प्रत्येक प्रवासी उत्तराखंडवासी अपने मूल गाँव की जनगणना में अपना नाम दर्ज कराएगा, तो इससे गाँवों की वास्तविक आबादी का सही आकलन हो सकेगा और विकास योजनाओं का लाभ भी अधिक प्रभावी तरीके से ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच सकेगा।
दोनों सांसदों ने अभियान की सराहना करते हुए इसे जनहित और उत्तराखंड के भविष्य से जुड़ी एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने अभियान को आगे बढ़ाने में हरसंभव सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि इस विषय को उचित मंचों पर मजबूती से उठाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक प्रवासी उत्तराखंडवासी अपने गाँवों से पुनः जुड़ सकें।



