
देहरादून/नई दिल्ली। उत्तराखंड की राजनीति में सोमवार को एक महत्वपूर्ण सियासी घटनाक्रम सामने आया। मशहूर गायक जुबिन नौटियाल के पिता और पूर्व भाजपा नेता रामशरण नौटियाल ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली। नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय, 24 अकबर रोड में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने पार्टी का दामन थामा। इस दौरान उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, गुरदीप सिंह सप्पल और वरिष्ठ नेता यशपाल आर्य सहित अन्य नेता मौजूद रहे।
रामशरण नौटियाल की कांग्रेस में वापसी को आगामी 2027 विधानसभा चुनाव से पहले उत्तराखंड के सियासी समीकरणों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। करीब 12 साल बाद कांग्रेस में लौटे नौटियाल की जौनसार-बावर क्षेत्र में राजनीतिक पकड़ को देखते हुए उनके इस फैसले पर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।
भाजपा से इस्तीफे के बाद कांग्रेस में वापसी
रामशरण नौटियाल ने सितंबर 2026 के अंतिम सप्ताह में भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे के बाद से ही कांग्रेस में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही थीं। बताया गया कि पार्टी के भीतर अनुशासन और कुछ नेताओं के साथ मतभेद उनके फैसले की प्रमुख वजह रहे।
गौरतलब है कि रामशरण नौटियाल वर्ष 2014 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। इससे पहले वह उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष और देहरादून जिला पंचायत अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं। ऐसे में उनकी वापसी को कांग्रेस के पुराने राजनीतिक और संगठनात्मक संबंधों को फिर से मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
चकराता विधानसभा सीट से लड़ चुके हैं चुनाव
रामशरण नौटियाल वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर चकराता विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरे थे। इस चुनाव में उन्हें 27,417 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी प्रीतम सिंह ने 36,853 मत हासिल कर जीत दर्ज की थी। दोनों के बीच 9,436 मतों का अंतर रहा था।
जौनसार-बावर क्षेत्र में रामशरण नौटियाल की सक्रियता और स्थानीय स्तर पर उनके राजनीतिक संपर्कों को देखते हुए कांग्रेस में उनकी वापसी को क्षेत्रीय राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
2027 के चुनाव से पहले कांग्रेस को कितनी मजबूती?
उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच रामशरण नौटियाल की कांग्रेस में वापसी ने सियासी चर्चाओं को नया आयाम दे दिया है। राजनीतिक हलकों में उनके संभावित चुनाव लड़ने को लेकर भी अटकलें हैं। हालांकि, वह विकासनगर या किसी अन्य विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे या नहीं, इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।
रामशरण नौटियाल की वापसी कांग्रेस के लिए क्षेत्रीय स्तर पर संगठन को मजबूत करने का अवसर बन सकती है, वहीं भाजपा के लिए यह घटनाक्रम राजनीतिक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।
फिलहाल, उनकी कांग्रेस में वापसी के बाद सबकी निगाहें पार्टी की आगामी चुनावी रणनीति और उनके अगले राजनीतिक कदम पर टिकी हैं।


