उत्तराखंडटिहरी

वन्यजीव संरक्षण को लेकर छात्र-छात्राओं ने निकाली जागरूकता रैली।

ढाणा से थत्यूड़ तक रैली निकालकर दिया मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व का संदेश।

थत्यूड़। जौनपुर रेंज की कांडा-जाख बीट के अंतर्गत श्री गुरु राम राय पब्लिक स्कूल, ढाणा के छात्र-छात्राओं ने वन्यजीव संरक्षण एवं मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व को लेकर जागरूकता रैली निकाली। ढाणा से थत्यूड़ तक निकाली गई रैली में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए वन्यजीवों की सुरक्षा, उनके प्राकृतिक आवास के संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम का संदेश आमजन तक पहुंचाया।
रैली के दौरान छात्र-छात्राओं ने विभिन्न नारों और संदेशों के माध्यम से लोगों को वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील एवं जिम्मेदार व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया। विद्यार्थियों ने कहा कि वन्यजीव प्रकृति और पारिस्थितिक तंत्र का अभिन्न हिस्सा हैं, इसलिए उनका संरक्षण केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है।
इस वर्ष वन्यजीव सप्ताह की थीम “मानव-वन्यजीव संघर्ष एवं सह-अस्तित्व” को केंद्र में रखते हुए वन विभाग के कार्मिकों ने विद्यार्थियों को मानव-वन्यजीव संघर्ष के प्रमुख कारणों, उसकी रोकथाम के उपायों तथा वन्यजीव संरक्षण में आमजन की भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जंगलों और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास में मानवीय हस्तक्षेप बढ़ने के कारण मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थितियां उत्पन्न होती हैं। ऐसे में जागरूकता, सतर्कता और जिम्मेदार व्यवहार के माध्यम से संघर्ष की घटनाओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
वन विभाग के कर्मचारियों ने विद्यार्थियों से अपील की कि वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाने अथवा उनके प्राकृतिक आवास में अनावश्यक हस्तक्षेप से बचें और वन्यजीव दिखाई देने पर घबराने के बजाय सुरक्षित दूरी बनाए रखते हुए संबंधित विभाग को सूचना दें। उन्होंने कहा कि मानव और वन्यजीवों के बीच संतुलन बनाए रखना स्वस्थ पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए आवश्यक है।
कार्यक्रम में वन विभाग की ओर से नीलकंठ पोखरियाल, सुरेश कुमार, जयवीर सिंह रांगड़, विजय पाल सिंह, गोविंद पवार एवं राजेश मौजूद रहे। वन विभाग के कार्मिकों ने छात्र-छात्राओं को वन्यजीव संरक्षण, प्राकृतिक आवास की सुरक्षा और मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों एवं स्थानीय लोगों ने वन्यजीवों के संरक्षण, उनके प्राकृतिक आवास की रक्षा तथा मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने के प्रति जागरूक और जिम्मेदार व्यवहार अपनाने का संदेश दिया। जागरूकता रैली ने क्षेत्रवासियों को यह संदेश दिया कि वन्यजीव सुरक्षित रहेंगे, तभी प्रकृति का संतुलन और मानव जीवन का भविष्य भी सुरक्षित रहेगा।

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