
देहरादून। महज कुछ सौ रुपये का विवाद इतना भयावह रूप ले सकता है कि तीन लोगों की जान चली जाए—यह सोचकर ही रूह कांप उठती है। देहरादून में सामने आए ट्रिपल मर्डर मामले के पुलिस खुलासे ने हर किसी को हैरान कर दिया है। मामूली कहासुनी और मजदूरी के विवाद ने देखते ही देखते एक परिवार की जिंदगी उजाड़ दी।
पुलिस ने मामले में राजकुमार नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी इंद्रेश नगर में रहता है और प्लंबर का काम करता है। पुलिस जांच के अनुसार आरोपी पिछले करीब दो वर्षों से बुजुर्ग दंपति के घर पर प्लंबिंग का काम करता आ रहा था, जिसके चलते वह परिवार से पहले से परिचित था।
600 रुपये की मजदूरी बनी विवाद की वजह
पुलिस के मुताबिक घटना वाले दिन बुजुर्ग दंपति ने ही राजकुमार को प्लंबिंग का काम करने के लिए घर बुलाया था। काम पूरा होने के बाद मजदूरी के भुगतान को लेकर आरोपी और दंपति के बीच विवाद शुरू हो गया।
बताया जा रहा है कि आरोपी 600 रुपये मजदूरी मांग रहा था, जबकि बुजुर्ग दंपति की ओर से उसे 300 रुपये देने की बात कही जा रही थी। महज 300 रुपये के अंतर को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि स्थिति बेहद गंभीर हो गई।
पुलिस के अनुसार इसी विवाद के बाद आरोपी ने कथित तौर पर आपा खो दिया और वारदात को अंजाम दिया। इस घटना में तीन लोगों की जान चली गई।
रिश्ते और भरोसे को भी लगा झटका
इस घटना ने सिर्फ एक परिवार को नहीं तोड़ा, बल्कि समाज में बढ़ते आक्रोश और छोटी-छोटी बातों पर हिंसा की प्रवृत्ति को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस व्यक्ति को परिवार लंबे समय से अपने घर में काम के लिए बुलाता रहा, उसी पर अब तीन लोगों की हत्या का आरोप है।
महज कुछ सौ रुपये का विवाद आखिर किस तरह इतना बड़ा रूप ले सकता है, यह घटना उसका भयावह उदाहरण बनकर सामने आई है।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की आगे की जांच जारी है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि वारदात के पीछे विवाद के अलावा कोई अन्य वजह तो नहीं थी।
एक मामूली विवाद, कुछ सौ रुपये और देखते ही देखते तीन जिंदगियां खत्म। देहरादून की इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया है—आखिर इंसानी जिंदगी की कीमत इतनी सस्ती कैसे होती जा रही है?



