
मसूरी। लंढौर बाजार क्षेत्र में लगातार सामने आ रहे भू-धंसाव के मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन व विशेषज्ञों की संयुक्त टीम ने मौके पर विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रभावित भवनों में पड़ी दरारों का जायजा लिया गया तथा स्थानीय निवासियों से बातचीत कर उनके सुझाव भी संकलित किए गए।
इस संयुक्त निरीक्षण में ज्योलॉजिकल विभाग की टीम के साथ एसडीएम मसूरी राहुल आनंद, पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता अमित कुमार, नायब तहसीलदार उपेंद्र पंवार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
निरीक्षण के उपरांत एसडीएम राहुल आनंद ने बताया कि शासन द्वारा गठित यूएलएलएमसी (ULLMC) की टीम ने स्थल का सर्वेक्षण कर लिया है और एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट प्राप्त होते ही शॉर्ट टर्म ट्रीटमेंट के तहत त्वरित कार्य शुरू किया जाएगा, जबकि दीर्घकालीन समाधान के लिए अलग से योजना बनाकर क्रियान्वयन किया जाएगा।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि एक भवन को सील किया गया है और विशेषज्ञों के सुझाव के आधार पर आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत उसे ध्वस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, जिस भवन में एक ही कमरे में परिवार रह रहा है, उसे शीघ्र खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके।
वहीं, पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा कि पूर्व में रुड़की के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए निरीक्षण की रिपोर्ट का अब तक कोई स्पष्ट परिणाम सामने नहीं आया है। उन्होंने बताया कि अब प्रशासन द्वारा नई जांच समिति गठित कर संयुक्त सर्वेक्षण कराया गया है, जिसमें प्रारंभिक तौर पर स्थिति को अत्यधिक खतरनाक नहीं माना गया है, फिर भी एहतियात के तौर पर सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
इस दौरान नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी रजनीश डोबरियाल, सभासद गीता कुमाई, मोहन पेटवाल, अरविंद सेमवाल, भाजपा मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल, जगजीत कुकरेजा सहित अन्य जनप्रतिनिधि व विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।



