
देहरादून/नई दिल्ली। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं। इसी बीच उत्तराखंड महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला की कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी जी से नई दिल्ली स्थित आवास पर हुई मुलाकात ने प्रदेश की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात को सिर्फ शिष्टाचार भेंट नहीं, बल्कि आने वाले चुनावी समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है। सूत्रों की मानें तो बैठक में उत्तराखंड में संगठन की मौजूदा स्थिति, सत्ता विरोधी माहौल, महिला और युवा मतदाताओं की नाराजगी सहित कई अहम राजनीतिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बताया जा रहा है कि ज्योति रौतेला ने प्रदेश में लगातार बढ़ रहे जन असंतोष, बेरोजगारी, महिला सुरक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए कांग्रेस को आक्रामक भूमिका में उतरने की आवश्यकता पर जोर दिया। वहीं प्रियंका गांधी जी ने भी संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को जनता के बीच सक्रिय रहने का संदेश दिया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तराखंड में कांग्रेस अब केवल पारंपरिक राजनीति तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि महिला नेतृत्व और जमीनी आंदोलनों के जरिए सत्ता पक्ष को सीधी चुनौती देने की रणनीति पर काम कर रही है। ऐसे में ज्योति रौतेला की यह मुलाकात कई बड़े राजनीतिक संकेत छोड़ गई है।
मुलाकात के दौरान ज्योति रौतेला ने प्रियंका गांधी जी को देवभूमि उत्तराखंड आने का निमंत्रण भी दिया, जिस पर उन्होंने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए जल्द उत्तराखंड आने की इच्छा जताई। इसके बाद से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ गया है, वहीं राजनीतिक विरोधियों के बीच भी इस मुलाकात को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
सूत्र यह भी बता रहे हैं कि आगामी दिनों में उत्तराखंड कांग्रेस संगठन और महिला कांग्रेस को लेकर कुछ बड़े फैसले एवं आक्रामक कार्यक्रम देखने को मिल सकते हैं, जिससे प्रदेश की सियासत में नया मोड़ आने की संभावना जताई जा रही है।



