
मसूरी। उत्तराखंड वन विभाग के मसूरी वन प्रभाग द्वारा वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान शुरू किया गया है। प्रभागीय वनाधिकारी अमित कंवर द्वारा जारी अपील में लोगों से जंगलों को आग से बचाने में सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया गया है।
वन विभाग ने खासतौर पर “Forest Fire Uttarakhand” मोबाइल ऐप को हाइलाइट करते हुए नागरिकों से इसे डाउनलोड करने की अपील की है। विभाग का कहना है कि इस ऐप के माध्यम से कोई भी व्यक्ति जंगल में आग लगने की सूचना तुरंत वन विभाग तक पहुंचा सकता है, जिससे समय रहते आग पर काबू पाने में मदद मिलेगी। पोस्टर में ऐप डाउनलोड के लिए QR कोड भी जारी किया गया है।
वन विभाग के अनुसार 15 फरवरी से मानसून आने तक वनाग्नि काल रहता है और इस दौरान छोटी सी लापरवाही भी बड़े नुकसान का कारण बन सकती है। लोगों से जंगलों के आसपास बीड़ी, सिगरेट, माचिस की तीली या अन्य ज्वलनशील पदार्थ न फेंकने तथा वन क्षेत्रों में आग न जलाने की अपील की गई है।
साथ ही विभाग ने ग्रामीणों, महिला मंगल दल, युवक मंगल दल, वन पंचायतों और स्वयंसेवी संगठनों से वनाग्नि नियंत्रण अभियान में सहयोग करने का अनुरोध किया है। विभाग ने स्पष्ट किया कि भारतीय वन अधिनियम 1927 के तहत जंगलों में आग लगाना दंडनीय अपराध है।
प्रभागीय वनाधिकारी अमित कंवर ने कहा कि जंगल हमारी प्राकृतिक धरोहर हैं और इन्हें सुरक्षित रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वनाग्नि की किसी भी घटना की सूचना तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1926 या “Forest Fire Uttarakhand” ऐप के माध्यम से दें।
“सतर्क रहें, सुरक्षित रहें — वनों को अग्नि से बचाएं।”



