
देहरादून/मसूरी। ‘पहाड़ों की रानी’ मसूरी के प्रसिद्ध कैमल बैक Road क्षेत्र के निकट रविवार शाम जंगल में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग ने देखते ही देखते चीड़ और सूखी पिरूल से भरे करीब आधा हेक्टेयर वन क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें दूर-दूर तक दिखाई देने लगीं, जिससे आसपास के लोगों और पर्यटकों में दहशत का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार निरंकारी भवन के नीचे स्थित जंगल में शाम करीब छह बजे आग भड़क उठी। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना वन विभाग और फायर सर्विस को दी। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण दमकल की गाड़ियां घटनास्थल तक नहीं पहुंच सकीं, जिसके बाद वन कर्मियों और स्थानीय टीमों को पैदल जंगल में उतरकर मोर्चा संभालना पड़ा। करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद देर रात आग पर काबू पाया जा सका।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार शुरुआती जांच में आग लगने के पीछे मानवीय लापरवाही या असामाजिक तत्वों की भूमिका से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि गर्मी, तेज हवाओं और जंगलों में जमा सूखी पत्तियों के कारण आग तेजी से फैल रही है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि समय रहते आग पर नियंत्रण नहीं पाया जाता तो यह रिहायशी इलाकों तक पहुंच सकती थी। कैमल बैक रोड क्षेत्र पर्यटकों के बीच बेहद लोकप्रिय माना जाता है और यहां रोज बड़ी संख्या में लोग घूमने आते हैं।
प्रदेश में बढ़ती गर्मी के बीच जंगलों में आग की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। वन विभाग ने लोगों से जंगलों में आग न लगाने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने की अपील की है।



