
मसूरी। आगामी मानसून सीजन को देखते हुए नगर पालिका परिषद मसूरी ने शहर की जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए नालों और कल्वर्टों पर हुए अतिक्रमण के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ माल रोड सहित शहर के विभिन्न क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
निरीक्षण के दौरान जल संस्थान, विद्युत विभाग, लोक निर्माण विभाग एवं नगर पालिका के अधिकारियों ने बंद पड़े नालों, जल निकासी मार्गों और कल्वर्टों की स्थिति का जायजा लिया। पालिकाध्यक्ष ने लोक निर्माण विभाग को एक सप्ताह के भीतर अवरुद्ध नालों को खोलने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए, जबकि विद्युत एवं जल संस्थान अधिकारियों को नालों में बिछी केबलों और पाइप लाइनों से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
मीरा सकलानी ने बताया कि कई स्थानों पर होटल और भवन निर्माण के कारण नालों की प्राकृतिक निकासी बाधित हो गई है। कुछ स्थानों पर नाले दिखाई तो दे रहे हैं, लेकिन उनकी निकासी पूरी तरह बंद हो चुकी है। उन्होंने कहा कि हाल ही में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी द्वारा विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में भी नालों से अतिक्रमण हटाने पर विशेष जोर दिया गया था, जिसके क्रम में यह निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है।
पालिकाध्यक्ष ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि नालों और कल्वर्टों पर अवैध कब्जा करने वालों को सात दिन का नोटिस जारी किया जाएगा। यदि निर्धारित समयावधि में अतिक्रमण स्वयं नहीं हटाया गया तो नगर पालिका दस दिनों के भीतर विधिक एवं नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाएगी तथा संबंधित लोगों पर जुर्माना भी लगाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि माल रोड सहित शहर के प्रमुख क्षेत्रों में बरसात के दौरान जलभराव की समस्या किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनहित में चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाना और वर्षा जल निकासी को सुचारु बनाना है।
निरीक्षण के दौरान पिक्चर पैलेस से लाइब्रेरी तथा किंक्रेग क्षेत्र तक विभिन्न नालों और कल्वर्टों का भी निरीक्षण किया गया। इस अवसर पर अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन, पालिका अभियंता रजत नेगी, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता शिवराज सिंह लोधियाल, जल संस्थान की अभियंता अर्चना बिष्ट तथा विद्युत विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।



