
मसूरी। पर्यटन नगरी मसूरी में पहाड़ियों से जंगलों की ओर अवैध रूप से मलबा फेंकने का सिलसिला लगातार जारी है। निर्माण कार्यों से निकलने वाला मलबा नियमों को ताक पर रखकर सीधे वन क्षेत्रों में डाला जा रहा है, जिससे न केवल बहुमूल्य वन संपदा को नुकसान पहुंच रहा है बल्कि पर्यावरणीय संतुलन और सड़क सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है। वन विभाग की लगातार निगरानी और कार्रवाई के बावजूद मलबा माफिया चोरी-छिपे अपने मंसूबों को अंजाम दे रहे हैं।
शहर के विभिन्न क्षेत्रों, विशेषकर कैमल बैक रोड, बार्लोगंज और आसपास के वन क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में मलबा जंगलों में डाले जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। मलबे के नीचे दबकर छोटे पौधे पूरी तरह नष्ट हो रहे हैं, जबकि बड़े और वर्षों पुराने पेड़ों की जड़ें एवं तने क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में इस प्रकार मलबा फेंकने से मिट्टी का कटाव बढ़ता है, प्राकृतिक जल स्रोत प्रभावित होते हैं और बरसात के दौरान भूस्खलन का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है।
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई स्थानों पर मलबा डालने वालों ने सड़क सुरक्षा के लिए लगाई गई लोहे की रेलिंग तक तोड़ दी हैं ताकि वाहनों से सीधे खाई और जंगल की ओर मलबा डाला जा सके। इसके अलावा सड़क किनारे छोड़े जा रहे मलबे से दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
कैमल बैक रोड क्षेत्र में हालात सबसे अधिक चिंताजनक बताए जा रहे हैं। यह क्षेत्र मसूरी के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। इसके बावजूद यहां लगातार मलबा फेंके जाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय या कम आवाजाही वाले समय में वाहन चालक चोरी-छिपे मलबा जंगलों में फेंक देते हैं।
वन विभाग समय-समय पर अभियान चलाकर ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करता रहा है। हाल ही में बार्लोगंज क्षेत्र में मलबा फेंकने वाले दो लोगों को पकड़ा गया था। इसके बावजूद अवैध गतिविधियां पूरी तरह थमने का नाम नहीं ले रही हैं।
इस संबंध में सहायक वन संरक्षक (एसीएफ) डॉ. उदय गौड़ ने बताया कि वन विभाग की टीमें लगातार संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त कर रही हैं और मलबा फेंकने वालों पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि कई बार आरोपी मौके पर पकड़े भी जाते हैं, लेकिन अधिकांश लोग सुनसान समय का फायदा उठाकर मलबा डाल देते हैं। विभाग ने कैमल बैक रोड समेत अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और गश्त बढ़ा दी है तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वन विभाग ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं अवैध रूप से मलबा फेंकते हुए वाहन या व्यक्ति दिखाई दें तो इसकी सूचना तुरंत विभाग को दें, ताकि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा सके।



