
देहरादून। समाजसेवा को अपना जीवन उद्देश्य बनाने वाले रेड क्रॉस सदस्य एवं वरिष्ठ समाजसेवी मोहन खत्री ने एक बार फिर संवेदनशीलता और सेवा भाव का परिचय देते हुए उत्तराखंड राज्य गठन आंदोलन के वरिष्ठ आंदोलनकारी श्री नारायण सिंह नेगी को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की पहल की है।
जानकारी के अनुसार, श्री नेगी लगभग दस दिन पूर्व पैर में फ्रैक्चर होने के बाद महंत इंद्रेश अस्पताल में भर्ती हुए थे। परिजनों और शुभचिंतकों के अनुसार स्वास्थ्य में अपेक्षित सुधार न होने पर मोहन खत्री स्वयं सक्रिय हुए और चिकित्सकों से समन्वय स्थापित कर उन्हें दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उनका उपचार जारी है।
मोहन खत्री पिछले कई वर्षों से देहरादून सहित उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों में निस्वार्थ समाजसेवा के लिए जाने जाते हैं। रेड क्रॉस से जुड़े होने के साथ-साथ वे गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने, जरूरतमंदों के लिए रक्त की व्यवस्था करने, रक्तदान शिविर आयोजित कराने, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को उपचार दिलाने तथा असहाय लोगों की हरसंभव मदद करने में हमेशा अग्रणी रहते हैं। उनके लिए समाजसेवा केवल दायित्व नहीं, बल्कि जीवन का संकल्प बन चुकी है।
उत्तराखंड राज्य आंदोलन के वरिष्ठ कार्यकर्ता नारायण सिंह नेगी ने राज्य आंदोलन के दौरान सक्रिय भूमिका निभाई थी। राज्य गठन के बाद भी वे सामाजिक सरोकारों से जुड़े रहे और जनहित के मुद्दों पर निरंतर सक्रिय रहे हैं। ऐसे वरिष्ठ आंदोलनकारी के उपचार के लिए मोहन खत्री द्वारा दिखाई गई तत्परता की राज्य आंदोलनकारियों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने सराहना की है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि आज के दौर में जब कई जरूरतमंद लोग समय पर उपचार के अभाव में परेशान होते हैं, ऐसे समय में मोहन खत्री जैसे समाजसेवी मानवता की सच्ची मिसाल बनकर सामने आते हैं। उनकी यह पहल न केवल एक वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी के प्रति सम्मान का प्रतीक है, बल्कि समाज के लिए सेवा, संवेदना और जिम्मेदारी का प्रेरक संदेश भी देती है।
वर्तमान में श्री नारायण सिंह नेगी का उपचार दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जारी है और शुभचिंतकों ने उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।



