
देहरादून। बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे और दानराशि से जुड़े कथित घोटाले को लेकर उत्तराखंड की राजनीति गरमा गई है। देहरादून स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की मांग की।
गोदियाल ने कहा कि इस प्रकरण में गिरफ्तार दूसरे आरोपी और पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान ने पूछताछ के दौरान दावा किया है कि वह बद्री-केदार मंदिर समिति (BKTC) के अध्यक्ष के निजी सचिव प्रमोद नौटियाल के निर्देश पर कार्य करता था। वहीं प्रमोद नौटियाल को सीधे समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी से निर्देश प्राप्त होते थे। कांग्रेस का आरोप है कि यदि जांच में यह दावा सामने आया है तो इसकी निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यदि आरोपों की कड़ियां मंदिर समिति के शीर्ष स्तर तक पहुंच रही हैं तो नैतिकता के आधार पर BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए, अन्यथा मुख्यमंत्री को उन्हें तत्काल पद से हटाना चाहिए, ताकि जांच के दौरान किसी भी प्रकार से साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ न हो सके।
गोदियाल ने आरोप लगाया कि यह मामला केवल कुछ कर्मचारियों की व्यक्तिगत हरकत नहीं, बल्कि एक सुनियोजित और संगठित अपराध की आशंका को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस संवेदनशील मामले में किसी भी स्तर पर दोषियों को बचाने का प्रयास नहीं होना चाहिए।
उन्होंने मुख्यमंत्री पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र बद्रीनाथ धाम के चढ़ावे से जुड़े इतने गंभीर मामले पर मुख्यमंत्री की अब तक की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। कांग्रेस ने पूछा कि आखिर सरकार इस मामले पर स्पष्ट रुख क्यों नहीं अपना रही है।
कांग्रेस ने राज्य सरकार से मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास कायम रह सके।



