उत्तराखंडनैनीताल

सामाजिक कार्यकर्ता को धमकी देने वाले डंपर चालक ने चौकी में मांगी लिखित माफी, चौकी प्रभारी ने दी सख्त हिदायत; बड़ा दिल दिखाते हुए पीयूष जोशी ने किया माफ

हल्दूचौड़ / लालकुआं (नैनीताल)। क्षेत्र में अनियंत्रित गति, अवैध ओवरलोडिंग और नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार सक्रिय रहने वाले सामाजिक कार्यकर्ता पीयूष जोशी को फोन पर जान से मारने, जबरन जुर्माना वसूलने और घर में दर्जनों वाहन घुसाने की धमकी देने का मामला आखिरकार सुलझ गया है। आरोपी वाहन स्वामी व चालक ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए हल्दूचौड़ पुलिस चौकी में उपस्थित जनसमूह व पुलिस प्रशासन के समक्ष लिखित और मौखिक दोनों रूपों में माफी मांग ली। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अर्जुन गोस्वामी ने आरोपी को कड़ी फटकार लगाते हुए भविष्य के लिए सख्त विधिक हिदायत दी कि जनसुरक्षा से खिलवाड़ और सामाजिक कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने का कृत्य कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

गौरतलब है कि विगत 16 अक्टूबर को हल्दूचौड़ के संकरे ग्रामीण मार्ग पर वाहन संख्या UK 04 CC 2838 (डंपर) अत्यधिक तीव्र व अनियंत्रित गति से जा रहा था, जिससे राहगीरों व बच्चों के साथ दुर्घटना की आशंका उत्पन्न हो गई थी। जनसुरक्षा के दृष्टिगत सामाजिक कार्यकर्ता पीयूष जोशी द्वारा चालक को टोकने और पुलिस प्रशासन को सूचना दिए जाने पर उक्त वाहन को मौके पर सीज कर दिया गया था। इस विधिक कार्रवाई से बौखलाए वाहन चालक व स्वामी पवन सिंह कोरंगा (निवासी शान्तिपुरी, उधमसिंह नगर) ने फोन कर सामाजिक कार्यकर्ता के साथ भद्दी गाली-गलौज करते हुए गंभीर परिणाम भुगतने और घर में वाहन घुसाने की धमकी दी थी। इस घटना के विरोध में व्यापार मंडल, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने कोतवाली पहुंचकर पुलिस को तहरीर सौंपी थी और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तीन दिन का अल्टीमेटम दिया था।
विवाद के शांतिपूर्ण समाधान के तहत हल्दूचौड़ पुलिस चौकी में स्थानीय गणमान्य लोगों की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच वार्ता हुई। चौकी प्रभारी अर्जुन गोस्वामी के समक्ष आरोपी पवन सिंह कोरंगा ने लिखित माफीनामा सौंपते हुए स्वीकार किया कि उसने आवेश में आकर फोन पर अभद्रता व गाली-गलौज की थी। आरोपी ने भविष्य में इस प्रकार की गलती न दोहराने का लिखित वचन देते हुए कहा कि यदि आगे ऐसी कोई पुनरावृत्ति होती है तो उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए। इस दौरान गवाह के रूप में कुलदीप रावत व रोहित दुम्का मौजूद रहे।
इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता पीयूष जोशी ने बड़ा दिल दिखाते हुए आरोपी को माफ कर दिया और मामले को यहीं समाप्त करने पर सहमति जताई। पीयूष जोशी ने स्पष्ट कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष या उसके परिवार को अदालत व पुलिस के चक्कर में उलझाकर परेशान करना कभी नहीं रहा, लेकिन ग्रामीण मार्गों पर अनियंत्रित ओवरलोडिंग से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकना और आमजन के जीवन की रक्षा करना हर जागरूक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष किसी व्यक्ति से व्यक्तिगत रंजिश का नहीं, बल्कि गलत व्यवस्था और जनहित की अनदेखी के खिलाफ है, जो आगे भी अनवरत जारी रहेगा। इसके साथ ही क्षेत्र में बीते कई दिनों से चल रहे तनावपूर्ण घटनाक्रम का शांतिपूर्ण पटाक्षेप हो गया।

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