वनाग्नि पर सख्त रुख: गढ़वाल के मुख्य वन संरक्षक धीरज पांडेय का बड़ा बयान, आग लगाने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई।

नैनबाग:
क्षेत्र में लगातार बढ़ रही वनाग्नि की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग अब पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। गढ़वाल के मुख्य वन संरक्षक धीरज पांडेय एवं यमुना वृत्त की वन संरक्षक नीतू लक्ष्मी ने संयुक्त रूप से मसूरी वन प्रभाग का औचक निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया कि जंगलों में आग लगाने वाले शरारती तत्वों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में सख्त धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज कर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
अधिकारियों ने फायर क्रू स्टेशन का गहन निरीक्षण करते हुए फील्ड स्टाफ की तत्परता और तैयारियों को परखा। मुख्य वन संरक्षक धीरज पांडेय ने मौके पर मौजूद फायर गार्ड एवं बीट अधिकारियों से वनाग्नि शमन उपकरणों के संचालन की जानकारी ली और निर्देश दिए कि आग की सूचना मिलते ही तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जाए। उन्होंने विशेष रूप से रिस्पॉन्स टाइम को न्यूनतम रखने पर जोर दिया, ताकि आग को शुरुआती चरण में ही नियंत्रित किया जा सके।
उन्होंने बीट अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने, संवेदनशील स्थानों की निगरानी करने और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश भी दिए।
इस दौरान मसूरी वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी अमित कुंवर, उप प्रभागीय वनाधिकारी उदय नंद गौड़ एवं दिनेश नौटियाल, कैंपटी रेंज वन क्षेत्राधिकारी अमिता थपलियाल, उप रेंजर जतन दास, वन दरोगा गजेन्द्र दत्त गौड़, परिसी थपलियाल सहित वन बीट अधिकारी विवेक डोभाल, विपिन वर्मा, अजीत कैंतुरा और गीता राणा समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
वन विभाग के इस सख्त रुख से स्पष्ट है कि आने वाले समय में वनाग्नि की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।



