
मसूरी:
मसूरी और आसपास के ग्रामीण इलाकों में हाल ही में हुई भारी ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। गेहूं, दालों सहित रबी की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं, जिससे काश्तकारों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। प्रभावित किसानों ने प्रदेश सरकार से जल्द मुआवजा देने की मांग की है।

ग्रामीण क्षेत्रों में हुई इस प्राकृतिक आपदा से किसानों की सालभर की मेहनत एक झटके में नष्ट हो गई। ओलावृष्टि के कारण न केवल अनाज की फसलें खराब हुई हैं, बल्कि प्लम, आड़ू, सेब और खुमानी जैसे फलों की फसल पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ा है।
ग्राम प्रधान चमासारी विक्रम सिंह रावत ने बताया कि चमासारी, खेतवाला, कंपनी बाग समेत कई गांवों में रबी की पूरी फसल ओलों की भेंट चढ़ गई है। इससे किसानों की आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है और उनके सामने रोजमर्रा के खर्चों की चुनौती भी बढ़ गई है।
उन्होंने प्रदेश सरकार और कृषि मंत्री गणेश जोशी से मांग की है कि जल्द से जल्द नुकसान का आकलन कर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि उनकी आर्थिक स्थिति को संभाला जा सके।



