
मसूरी:
नगर पालिका परिषद मसूरी की लंढौर घंटाघर स्थित कार पार्किंग को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। वक्फ बोर्ड द्वारा बिना पूर्व सूचना के उक्त पार्किंग को एक निजी व्यक्ति को लीज पर दिए जाने के बाद पालिका ने मौके पर चल रहे मरम्मत कार्य को तत्काल प्रभाव से रुकवा दिया।
जानकारी के अनुसार, नगर पालिका को इस पूरे प्रकरण की जानकारी तब मिली जब स्थानीय लोगों ने पार्किंग स्थल पर हो रहे कार्य की सूचना दी। इसके बाद पालिका की टीम मौके पर पहुंची, जहां एक व्यक्ति द्वारा मरम्मत कार्य कराया जा रहा था, जिसे तुरंत बंद करा दिया गया।
बताया जा रहा है कि यह पार्किंग करीब डेढ़ दशक पूर्व तत्कालीन पालिकाध्यक्ष ओपी उनियाल के कार्यकाल में एमडीडीए (मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण) के सहयोग से निर्मित की गई थी। इसका उद्देश्य स्थानीय निवासियों को निशुल्क वाहन पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराना था और बीते दस वर्षों से अधिक समय से इसका संचालन नगर पालिका द्वारा किया जा रहा है।
इस बीच वक्फ बोर्ड ने दावा किया है कि उक्त भूमि उनकी है और उन्होंने पार्किंग संचालन के लिए इसे लीज पर दे दिया है, ताकि वहां खड़े होने वाले वाहनों से शुल्क वसूला जा सके।
इस संबंध में नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन ने बताया कि सूचना मिलने पर टीम को मौके पर भेजा गया था, जहां कार्य होता पाया गया, जिसे तुरंत रुकवा दिया गया है। उन्होंने कहा कि संबंधित व्यक्ति से दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि पार्किंग का निर्माण एमडीडीए द्वारा किया गया था और बाद में इसका संचालन पालिका को सौंपा गया, जहां समय-समय पर पालिका द्वारा मरम्मत एवं अन्य सुविधाएं विकसित की गई हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि अब तक वक्फ बोर्ड द्वारा इस भूमि पर कोई दावा प्रस्तुत नहीं किया गया था, जबकि हाल ही में पालिका द्वारा इस पार्किंग के संचालन हेतु टेंडर प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
मौके पर अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन के साथ कर अधीक्षक अनिरुद्ध प्रताप चौधरी भी उपस्थित रहे।



