
मसूरी। बढ़ती वनाग्नि घटनाओं के मद्देनज़र वन विभाग पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। इसी क्रम में वन संरक्षक, यमुना वृत्त नीतू लक्ष्मी ने मसूरी वन प्रभाग के अधिकारियों के साथ रायपुर रेंज स्थित अग्नि सुरक्षा मास्टर कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान वन संरक्षक ने संबंधित कार्मिकों को निर्देश दिए कि वनाग्नि की सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचकर प्रभावी सुरक्षात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि जंगलों को नुकसान से बचाया जा सके। उन्होंने वनाग्नि नियंत्रण में तेजी और स्थानीय स्तर पर बेहतर समन्वय बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।
मास्टर कंट्रोल रूम निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने लाडपुर अनुभाग के भोपालपानी कक्ष संख्या-8 में प्रस्तावित फारेस्ट लाइन स्थल का भी निरीक्षण किया। इसके पश्चात मसूरी रेंज अंतर्गत मालदेवता पौधालय एवं क्रू स्टेशन मालदेवता का औचक निरीक्षण कर वनाग्नि सुरक्षा और पौधालय प्रबंधन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
इसके अलावा रायपुर रेंज के रिंगालगढ़ अनुभाग स्थित चीड़ पिरूल यूनिट का निरीक्षण कर पिरूल एकत्रीकरण कार्यों की समीक्षा की गई। वन संरक्षक ने संबंधित कर्मचारियों को पिरूल संग्रहण में तेजी लाने और ग्रामीणों के सहयोग से वनाग्नि रोकथाम को और मजबूत करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान वन विश्राम भवन एवं क्रू स्टेशन की पंजिकाओं की भी जांच की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि ग्रामीणों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर वनाग्नि घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए।
इस अवसर पर अमित कंवर (प्रभागीय वनाधिकारी, मसूरी वन प्रभाग), डॉ. उदय गौड़ (उप प्रभागीय वनाधिकारी, देहरादून), हरीश गैरोला (वन क्षेत्राधिकारी रायपुर रेंज), महेंद्र सिंह चौहान (वन क्षेत्राधिकारी मसूरी रेंज), बी.डी. जोशी (उप वन क्षेत्राधिकारी) सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।



