
देहरादून:
स्वराज सेवा दल के अध्यक्ष रमेश जोशी के नेतृत्व में रविवार को दर्जनों कार्यकर्ताओं ने सचिवालय के बाहर प्रदर्शन कर बैंकों पर आम जनता के साथ आर्थिक धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के गंभीर आरोप लगाए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदेश अध्यक्ष रमेश जोशी ने कहा कि बाहरी राज्यों से आए कई अधिकारी उत्तराखंड में विभिन्न माध्यमों से प्रदेशवासियों को आर्थिक रूप से ठगने का काम कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कभी कमेटियों के नाम पर, कभी बैंक लोन दिलाने के नाम पर और कभी लोन सेटलमेंट व कमीशनखोरी के जरिए आम लोगों को गुमराह किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इसी मुद्दे को लेकर संगठन का एक प्रतिनिधिमंडल वित्त सचिव से वार्ता करने सचिवालय पहुंचा था, लेकिन प्रशासन ने उनकी बात सुनने के बजाय प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को जबरन गिरफ्तार कर लिया। जोशी ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए सरकार पर जनता की आवाज दबाने का आरोप लगाया।
संगठन के महामंत्री देवेंद्र बिष्ट ने पुलिस प्रशासन की कार्रवाई को तानाशाही करार देते हुए कहा कि अधिकारी और पुलिस मिलकर प्रदेशवासियों की आवाज दबाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आर्थिक धोखाधड़ी पर रोक नहीं लगी तो संगठन पूरे प्रदेश में व्यापक जनआंदोलन चलाएगा।
देवेंद्र बिष्ट ने कहा कि सुराज सेवा दल जल्द ही राज्यभर में हस्ताक्षर अभियान और जनजागरण आंदोलन शुरू करेगा, जिसके माध्यम से बैंकों और वित्तीय संस्थानों से जुड़े पीड़ित लोगों की समस्याएं सुनी जाएंगी और उन्हें न्याय दिलाने के लिए संघर्ष किया जाएगा।
प्रदर्शन में कमल धामी, ललित श्रीवास्तव, कावेरी जोशी, हिमांशु धामी, पूजा नेगी सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।



